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IIT बॉम्बे के एक प्रतिभाशाली रिसर्च स्कॉलर अश्मक मून

1 महीने में बिना रसायन, डाइबीटीज़ के मरीजों को प्रभावी ढंग से डाइबीटीज़ कंट्रोल करने का तरीका ढूंढ निकालने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली।

2022 के जून के महीने में रिसर्च सोसाइटी ऑफ़ स्टडी ऑफ़ डाइबीटीज़ इन इंडियामें कुछ बेहद आश्चर्यजनक हुआ। वहाँ एक सम्मेलन में आए सभी लोग खड़े होकर 10 मिनट तक ताली बजाते रहे। 

हम बात कर रहे हैं अपने देश के एक प्रतिभाशाली रिसर्च स्कॉलर अश्मक मून के बारे में। इस युवा  ने इतनी कम उम्र में एक ऐसा फॉर्मूला इज़ाद किया है जिसके जरिए बड़ी ही तेजी से और बिना किसी परहेज के डाइबीटीज़ के मरीजों में प्रभावी ढंग से इंसुलिन की प्रभावकारिता को बढ़ाया और ब्लड शुगर लेवल को नीचे लाया जा सकता है।

आप भी जानिए कि अश्मक मून के फॉर्मूले से आप कैसे डाइबीटीज़ पर नियंत्रण पा सकते हैं।  

अश्मक मून एक बहुत ही नया आइडिया लेकर आए थे जिसके ऊपर भारत के वैज्ञानिक वर्तमान में काम कर रहे हैं। इस आइडिया के बारे में ना सिर्फ भारत के बल्कि दुनिया भर के लोगों को पता चल गया।

अश्मक मून एक बहुत ही नया आइडिया लेकर आए थे जिसके ऊपर भारत के वैज्ञानिक वर्तमान में काम कर रहे हैं। इस आइडिया के बारे में ना सिर्फ भारत के बल्कि दुनिया भर के लोगों को पता चल गया।

IIT मुंबई के सीनियर Professors को अपनी खोज के बारे मे बताते हुवे अश्मक मून

रिसर्च  सोसाइटी ऑफ़ स्टडी ऑफ़ डाइबीटीज़ इन इंडिया और कई प्राइवेट क्लीनिक इस दवाई को बनाने की कोशिश कर रहे थे। और एक दिन यह संभव हो गया! यह दवाई बन गई है लेकिन वर्तमान में सिर्फ भारत के नागरिक ही इसे खरीद सकते हैं!

यह नया फॉर्मूला कैसे लाखों ज़िंदगियाँ बचाने में कामयाब हो रहा है और भारत के लोग कैसे इस पर बड़ा डिस्काउंट पा सकते हैं। आज हम इसी के बारे में चर्चा करेंगे।

IIT बॉम्बे और ग्लासगो यूनिवर्सिटी-स्कॉटलैंड के छात्र रहे अश्मक मून ने अपने निजी जीवन में, अपने आस -पास कई डाइबीटीज़ पेशेंट देखे थे, इसलिये मरीजों को होने वाली तकलीफों से वो अच्छी तरह से वाकिफ थे।  

अधिक जानकारी के लिये यह विडियो देखे

रिपोर्टर

अश्मक मून, आपको दुनिया के शीर्ष 10 सबसे बुद्धिमान रिसर्च छात्रों में गिना जाता है। आप ने डाइबीटीज़ की समस्या से लड़ने का ही फैसला क्यों किया?

अश्मक मून

मैं इस बारे में सार्वजनिक रूप से ज़्यादा बात नहीं करना चाहता लेकिन मेरी प्रेरणा पूरी तरह से निजी कारणों से थी। कुछ सालों पहले मेरे बेहद करीबी दोस्त की हाई ब्लड प्रेशर के कारण मौत हो गई थी। वह इससे कई सालों से परेशान था। हालांकि वह बहुत परहेज से रहता था और वैसे ठीक था साथ ही डाइबीटीज़ से छुटकारा पाने के लिए बहुत मेहनत भी करता था । लेकिन एक दिन अचानक उसे लकवा लग गया और कुछ समय बाद उसकी मौत हो गई। यह समस्या अनुवांशिक थी।  मेरे दोस्त के पिता और दादी की भी इसी कारण से मौत हुई थी। इसके बाद मैंने डाइबीटीज़ से संबन्धित समस्याओं के बारे में गहराई से पढ़ाई शुरू की और इनसे निजात पाने के तरीके ढूँढने लगा । रिसर्च के दौरान मैंने पाया कि डाइटिंग, एक्सर्साइज़ और दवाइयाँ कई मरीजों की  समस्या को हल नहीं कर पाते। मेरा दोस्त भी परहेज कर रहा था और पिछले 5 साल से नियमित एक्सर्साइज़ भी कर रहा था।

एक इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस के दौरान ओएस्टेर मशरूम के डाइबीटीज़ पर होने वाले सकारात्मक प्रभाव के बारे में पता चला, उसके बाद अपने सीनीयर्स एवं प्रोफेसर को कॉन्फिडेंस में लेने के बाद मैंने ओएस्टेर मशरूम पर रिसर्च शुरू कर दी। पिछले कुछ सालों में मैंने इस मुद्दे पर बहुत काम किया है। डाइबीटीज़ का प्रभाव कम करने के मेरे नए तरीके के बारे में आज बहुत चर्चा हो रही है और यह मेरी थीसिस के दौरान ही सामने आई। मैंने अचानक पाया कि मैंने प्रयोग करते-करते कुछ ऐसा बना लिया है जिसके बारे में पूरी दुनिया में चर्चा हो रही है।

अमेरिका की एक बड़ी दवाई कंपनी ने  अश्मक मून को इस फोर्मूले के बदले में 8 लाख डॉलर देने की पेशकश की थी और वह इससे बनी दवाई प्रति डोज़ एक हजार डॉलर में बेचना चाहते थे। लेकिन  अश्मक मून ने मना कर दिया, उन्हे पता था कि आम लोग इतना महंगा प्रोडक्ट नहीं खरीद पाएंगे।  अश्मक मून के जीवन का उद्देश्य है डाइबीटीज़ से लड़ रहे अधिक से अधिक लोगों की मदद करना।

एक अमेरीकन कंपनी के मैनेजर रिचर्ड अश्मक मून के साथ

रिपोर्टर

हम कैसे सौदों की बात कर रहे हैं?

अश्मक मून

जैसे ही डाइबीटीज़ को कंट्रोल करने के बारे में मेरी रिसर्च प्रकाशित हुईमुझे मेरे आइडिया को बेचने के ऑफर आने लगे। सबसे पहले फ्रांस की दवा कंपनी के लोग आए जिन्होंने एक लाख सत्रह हजार डॉलर तक की पेशकश की। इसके बाद आई एक अमेरिकन दवाई कंपनी जो आठ लाख डॉलर तक देने के लिए तैयार थी। मुझे इतने फोन आते थे कि मुझे अपना फोन नंबर बदलकर सोशल नेटवर्क छोड़ना पड़ा क्योंकि लोग मेरा पीछा ही नहीं छोड़ते थे।

रिपोर्टर

लेकिन जहाँ तक मुझे पता है आपने फॉर्मूला नहीं बेचा,क्या यह सच है?

अश्मक मून

जी हाँ, यह अजीब लग सकता है पर मैंने यह फॉर्मूला विदेशी लोगों को अमीर बनाने के लिए नहीं बनाया है । यदि मैंने यह विदेशी लोगों को बेच दिया होता तो क्या होताये लोग हर चीज पेटेंट करवाने के बाद दवाई बनाकर महंगे दाम पर बेचने लगते। मेरी उम्र जरूर काम है पर मै बेवकूफ़ नहीं हूँ। ऐसे में तो हमारे देश के लोगों मेरी इस रिसर्च का फायदा उठा ही नहीं पायेंगे। विदेश के एक डॉक्टर ने मुझे बताया था कि यह दवाई कम से कम एक हजार डॉलर की बिकेगी। अब बताइए भारत में कितने लोग है जो की एक हजार डॉलर देकर इसे खरीद सकते?

यही कारण है कि मुझे सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय ने मुझे प्रस्ताव दिया था कि मैं इस दवा का निर्माण अपने देश में ही रहकर करूं ताकि अधिक से अधिक डायबिटीज से परेशान लोग इसका फायदा उठा सके और मैंने इस प्रस्ताव को तुरंत ही मान लिया। ।क्योंकि इस दवाई को बनाने के पीछे मेरा मकसद बस एक ही है के जल्द से जल्द मेरा देश डायबिटीज मुक्त हो सके।

रिपोर्टर

अश्मक हमे सुनने मे आया है के आपने इस दवा को लोगो तक पहुंचाने के लिये जिस कंपनी का चयन किया है उसका नाम अमूल्य आयुर्वेदा है। थोड़ा सा आप हमे इस के बारे मे बतायंगे।

अश्मक मून

जी हा आपने बिल्कुल सही सुना इस दवा को मार्केट में उतरने के लिए हमें एक ऐसी संस्थान की जरूरत थी जो ईमानदार होने के साथ-साथ उनके पास अच्छे ज्ञान वाले आयुर्वेदाचार्य भी हो। काफी रिसर्च करने के बाद मुझे पता चला की अमूल्य आयुर्वेदा ही एक ऐसी संस्था है जिस पर हम आँख बंद करके भी यकीन कर सकते थे।

रिपोर्टर

अश्मक मून से बात करने के बाद हमें लगा कि अब हमें अमूल्य आयुर्वेदा के ओनर श्री नितिन जी से भी बात कर लेनी चाहिए।

नितिन जी अश्मक मून का आइडिया आप संक्षिप्त में बता सकते हैं? क्या यह सच है कि लोग बिना डाइटिंग और एक्सर्साइज़ के डाइबीटीज़ से मुक्ति पा सकते हैं?

नितिन जी

अश्मक मून बहुत ही प्रतिभाशाली रिसर्च स्कॉलर हैं , उनका आइडिया बेहद शानदार हैइसे निर्देश खोज भी कहा जा सकता है क्योंकि यह डाइबीटीज़ कम करने का अब तक का सबसे प्रभावशाली तरीका है। यहाँ हम एक ऐसे तरीके की बात कर रहे हैं जो पूरी जिंदगी मदद कर सकता है…

हमारे देश में 101 मिलियन लोग टाइप 2 डाइबीटीज़ से पीड़ित हैं। इसका प्रमुख कारण है या तो हमारी कोशिकाओं द्वारा इंसुलिन की अस्वीकृति अथवा इंसुलिन का स्राव आवश्यकता से कम होना। MadhuMulya ओएस्टेर मशरूम पाउडर’  धीरे-धीरे ही सही लेकिन बहुत प्रभावी ढंग से इंसुलिन की प्रभावकारिता को बढ़ाता है और ब्लड शुगर लेवल को नीचे लाता है।

इसका हाइपो-ग्लाइसेमिक इंडेक्स ब्लड शुगर लेवल को मैन्टैन रखने के लिए जिम्मेदार है जो की खाने के तुरंत बाद बढ़ने लगता है। 

पॉलीसेकेराइड और टेरपेनोइड्स, APMK नामक प्रोटीन काइनेज के ऐक्टवेशन के लिए जिम्मेदार होते हैं जो आगे चलकर कोशिका में इंसुलिन के माध्यम से शुगर को स्वीकार करते है जिससे कोशिका फिर से सामान्य तरीके से कार्य करने लगती है। इस प्रक्रिया में समय लगता है यह धीरे धीरे पूरे शरीर को इन फाइटोकेमिकल्स के अनुकूल बनाता है। धीरे-धीरे शरीर सामान्य होने लगता है साथ ही एलोपैथिक दवाओं पर निर्भरता भी कम हो जाती है। इस प्रोडक्ट का नाम है ‘मधुमूल्य ओएस्टेर मशरूम पाउडर’

MadhuMulya दवाई की अधिक जानकारी के लिये या फिर उसे ऑर्डर करने के लिये नीचे दिये गये फॉर्म को भर कर सबमिट करे या फिर हमारे Customer Care नंबर पर कॉल करे।

MadhuMulya किट के पूरे 4 महीने के कोर्स की कीमत है। मात्र- 4200



    रिपोर्टर

    मधुमूल्य की प्रभावशीलता का कोई प्रमाण? 

     

    नितिन जी

    ये देखिए एक के रिपोर्ट जिसने MadhuMulya दवाई के मात्र 2 महीने के सेवन से अपने शुगर के लेवेल को पूरी तरह से कंट्रोल मे कर लिया ऐसे बहुत सारे लोग हैं जिन्होंने आज मधुमूल्य दवा को अपनाकर अपने डायबिटीज को पूरी तरह से कंट्रोल में कर लिया है।

    रिपोर्टर

     दोस्तों आइये कुछ ऐसे ही लोगों से मिलते हैं जिन्होंने मधु मूल्यों को अपनाकर अपना जीवन डायबिटीज मुक्त बनाया है।

    रिपोर्टर

    जबर्दस्त! बेहद प्रभावशाली, यह फॉर्मूला दवाई बनकर दुकानों में कब आएगा? और किस रेट पर?

    नितिन जी

    देखिए डाइबीटीज़ कम करने की दवाइयाँ सिर्फ अमेरिका में हर साल करोड़ों डॉलर की कमाई करती हैं।अश्मक मून का बनाया ये प्रोडक्ट मार्केट में बड़ा बदलाव ला सकता है।

    जैसे ही इन लोगों को इस नुस्खे के असर का पता चलेगा, दवाई की कंपनियाँ हमारे ऊपर हर तरह से हमला करेंगी। इन लोगों ने  अश्मक मून को तो पहले ही पैसे देकर खरीदने की कोशिश की थी। लेकिन ये लोग इसे बेचने के लिए इसे नहीं खरीद रहे थे। ये तो बस यह चाहते थे कि किसी को यह बेचा न जाए। डाइबीटीज़ का इलाज दवाई कंपनियों के लिए करोड़ों का बिजनेस है। सिर्फ अमेरिका में ही करोड़ों डॉलर का मार्केट है। अश्मक मून की इस रिसर्च से बहुत सारी दवाई की बड़ी निर्माण कंपनियों को करोड़ों का नुकसान होगा। असल में, जब ‘मधुमूल्य ओएस्टेर मशरूम पाउडर’ के कोर्स से हमेशा के लिए समस्या खत्म हो जाएगी तो कोई हर महीने दवाइयों में पैसे क्यों लगाएगा।

    दवाई की दुकान वाले भी कंपनियों के ही पार्टनर हैं और इसलिए मिलकर काम करते हैं। इनके लिए अपना प्रोडक्ट बेचना ही सबसे बड़ी चीज है। इसलिए ये हमारे इलाज के बारे में सुनना भी नहीं चाहते जबकि यह भारत की वैज्ञानिक संस्थाओं द्वारा सुझाया एक मात्र आधिकारिक उत्पाद है जिससे डाइबीटीज़ को कंट्रोल व खत्म किया जा सकता है।

    रिपोर्टर

    जब ये नुस्खा दवाई की दुकानों में मिलेगा ही नहीं तो लोग कहाँ से लेंगे?

    नितिन जी

    हमने फैसला किया कि यदि दवाई की कंपनियाँ बीच में आएंगी तो हम इनके बिना भी काम कर लेंगे। हमने MadhuMulya ओएस्टेर मशरूम पाउडर’ का सीधा डिस्ट्रिब्यूशन शुरू किया और इन सभी बिचौलियों को हटा दिया। हमने कई तरीकों पर विचार किया और सबसे असरदार तरीके को लाए। ‘मधुमूल्य ओएस्टेर मशरूम पाउडर’ को फार्मेसियों में नहीं बेचा जाता! इसलिए, जिन लोगों को ‘मधुमूल्य ओएस्टेर मशरूम पाउडर’ 50% डिस्काउंट पर पाना चाहते है लोग नीचे दिए गए फार्म पर अपना नाम और नंबर लिखकर सबमिट कर सकते हैं और हमारे नंबर पर भी कॉल कर सकते हैं अभी कॉल करने वालों को 50% का डिस्काउंट मिलेगा

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      नितिन जी

      हमने बड़े स्तर पर मीडिया में विज्ञापन शुरू किया हैं ताकि लोगों को प्रोडक्ट के बारे में पता चले और ‘मधुमूल्य ओएस्टेर मशरूम पाउडर’ के 100 पैक पहले के 100 कस्टमर को 50% डिस्काउंट पर दिया जाएगा

      इस आर्टिक्ल तो पड़ने वाला कोई भी व्यक्ति इसमें हिस्सा लेकर ऊपर दिये गए फार्म को भरकर या फिर हमारे नंबर पर कॉल मिलकर 50% का डिस्काउंट! ले सकता है यह ऑफर केवल भारत के लोगों के लिए ही है ताकि लोग इस प्रोडक्ट के बारे में जान सकें।

      रिपोर्टर

      लेकिन इसकी कीमत कितनी होगी?

      नितिन जी

      हमने भारत सरकार के साथ ऐसी सहमति कर ली है कि हमें इतना पैसा मिल जाएगा कि हमारा सारा खर्च निकल आए। हमारा उद्देश्य है इस दवाई को जनता तक पहुंचाना ना कि सिर्फ अमीरों तक सीमित रखना। इसके बदले हमने यह सहमति दी है कि हम प्रोडक्ट एक्सपोर्ट नहीं करेंगे और सिर्फ भारत में डिस्ट्रीब्यूट करेंगे ताकि हमारा देश जो की कैपिटल आफ डायबिटीज कहलाता है वह डायबिटीज मुक्त हो सके

      रिपोर्टर

      धन्यवाद नितिन जी! इस शानदार प्रोडक्ट की जानकारी हमारे पाठकों को देते हुए! क्या आप हमारे पाठकों के लिए कुछ कहना चाहेंगे ?

      नितिन जी

      आपका भी धन्यवाद। हम अपने सभी पाठकों को डाइबीटीज़ से निजात पाने की सलाह देंगे क्योंकि डायबिटीज ही सभी बीमारियों की जड़ है जैसे:

      • उच्च रक्तचाप
      • हाथो और पैरो मे सूजन आना
      • किडनी की क्षति
      • लिवर खराब होना
      • आँखों की रोशनी का कम होना

      पाठकों से अनुरोध है कि बस इंतज़ार ही ना करते रहें, आयुर्वेद आपनाए और डायबिटीज जैसी समस्या से हमेशा हमेशा के लिये छुटकारा पाये। धन्यवाद।

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        लोगों  के अनुभव

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        March 14, 2024

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